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युवोदय के छह वर्ष: बस्तर में युवा बने बदलाव की पहचान

Suraj Pandey 24 Sep 2026 Volunteerism

युवोदय के छह वर्ष: बस्तर में युवा बने बदलाव की पहचान
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6,000 से अधिक युवाओं से शुरू हुआ सफर, अब युवोदय 2.0 के साथ स्वयंसेवक से समाधानकर्ता बनने की ओर

जगदलपुर, बस्तर | 23 सितंबर 2026: बस्तर का युवा स्वयंसेवी अभियान युवोदय आज अपने छह वर्ष पूरे कर रहा है। इन छह वर्षों में इस पहल ने युवाओं, समुदायों और जिला प्रशासन को साथ लाकर सकारात्मक बदलाव का एक मजबूत मंच तैयार किया है।

23 सितंबर 2020 को बस्तर जिला प्रशासन द्वारा UNICEF के सहयोग से शुरू हुआ युवोदय कोविड-19 के दौरान एक जनभागीदारी पहल के रूप में सामने आया। शुरुआत में 6,000 से अधिक युवा स्वयंसेवक जुड़े, जिन्होंने कोविड जागरूकता, टीकाकरण और समुदायों को जरूरी सेवाओं से जोड़ने में योगदान दिया। समय के साथ युवोदय स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरण और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी का मंच बन गया।

श्री आकाश छिकारा, IAS, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, बस्तर ने कहा:
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युवोदय बस्तर के युवाओं की ऊर्जा और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। छह वर्षों में हमारे स्वयंसेवकों ने दिखाया है कि जब युवाओं पर भरोसा किया जाता है और उन्हें जिम्मेदारी दी जाती है, तो वे बदलाव के मजबूत भागीदार बनते हैं। युवोदय 2.0 के माध्यम से हमारा प्रयास है कि युवा स्थानीय समस्याओं को समझें, समुदायों की बात सुनें और प्रशासन के साथ मिलकर बस्तर के लिए स्थानीय समाधान तैयार करें।”

युवोदय 2.0: स्वयंसेवक से समाधानकर्ता तक

छह वर्षों के अनुभव के आधार पर युवोदय 2.0 में युवाओं की भूमिका को और आगे ले जाया जा रहा है। अब जोर केवल जागरूकता और अभियान पर नहीं, बल्कि समस्या को समझने, समुदाय से संवाद करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समाधान खोजने पर है। साथ ही स्वयंसेवकों के आत्मविश्वास, मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

अभिषेक सिंह, सोशल एंड बिहेवियर चेंज स्पेशलिस्ट, UNICEF छत्तीसगढ़ ने कहा:
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युवोदय की शुरुआत एक सरल सोच से हुई थी, युवाओं पर भरोसा करें और उन्हें योगदान का अवसर दें। आज युवा केवल संदेश पहुंचाने वाले नहीं हैं। वे समुदायों को सुन रहे हैं, लोगों के व्यवहार और निर्णयों को प्रभावित करने वाले कारणों को समझ रहे हैं और स्थानीय समाधान खोज रहे हैं। अगला कदम उन्हें अपने विचारों को जमीन पर उतारने और नेतृत्व करने के लिए और अधिक अवसर देना है।”

मनस बनर्जी, छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति ने कहा:
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युवोदय की असली ताकत इसके स्वयंसेवक हैं। वे अपने समुदाय को जानते हैं, स्थानीय परिस्थितियों को समझते हैं और लोगों का उन पर भरोसा है। ये छह वर्ष उन हजारों युवाओं का उत्सव हैं, जिन्होंने बस्तर के लिए अपना समय, ऊर्जा और विचार दिए हैं।”

इस बदलाव की कहानी स्वयंसेवकों के अनुभवों में भी दिखाई देती है। जगदलपुर ब्लॉक के युवोदय स्वयंसेवक बनमाली कहते हैं, “युवोदय ने हमें यह भरोसा दिया कि बदलाव के लिए बड़े पद की नहीं, बल्कि सेवा के जज़्बे की जरूरत होती है। आज गांव में लोग हमें जिम्मेदारी से देखते हैं और यही हमारी सबसे बड़ी पहचान है।”

वहीं तोकापाल ब्लॉक की युवोदय स्वयंसेवक रजनी मौर्य कहती हैं, “युवोदय ने हमें सिखाया कि अपने गांव की समस्या को समझना ही समाधान की पहली सीढ़ी है। जब युवा आगे आते हैं, तो पूरा समुदाय साथ चलता है।”

UNICEF और छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति इस पहल को आगे बढ़ाने में बस्तर जिला प्रशासन को सहयोग दे रहे हैं।

युवोदय से जुड़ें: अपने गांव और समुदाय में बदलाव का हिस्सा बनने के इच्छुक युवा www.yuvoday.org पर पंजीकरण कर सकते हैं या Yuvoday App डाउनलोड कर सकते हैं।

युवोदय के छह वर्ष। बस्तर के लिए युवाओं के समर्पण के छह वर्ष। सफर जारी है।